सभी को प्रणाम ।हरी ॐ ।। आज मैं विशिष्ट रात्रि के बारे में बता रहा हूँ कुछ तिथियां अपने आप में ही महत्वपूर्ण एवं सिद्धिप्रद मानी गई है, जिन...
सभी को प्रणाम ।हरी ॐ ।।
आज मैं विशिष्ट रात्रि के बारे में बता रहा हूँ कुछ तिथियां अपने आप में ही महत्वपूर्ण एवं सिद्धिप्रद मानी गई है, जिनका ज्ञान शायद ही साधु या ज्योतिषी को होगा । यह ज्ञान मेरे गुरुदेव ने दिया था नीचे मैं इन्ही महत्वपूर्ण तिथियों को स्पष्ट कर रहा हूँ, जिसका प्रयोग करने से आप को लाभ मिलेगा
विशिष्ट रात्रि पर्व :-
१- वीर रात्रि चतुर्दशी को रविवार
२- महारात्रि आश्विन शुक्ल अष्टमी
३- कालरात्रि कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को अर्द्ध रात्रि में अमावस्या का योग होने पर
४- मोह रात्रि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
५- क्रोध रात्रि चैत्र शुक्ल नवमी
६- घोर रात्रि मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी (महाकाल वीर जयन्ति)
७- अचला रात्रि फाल्गुन कृष्ण अष्टमी को मंगल या शुक्रवार हो
८- तारा रात्रि ज्येष्ठ शुक्ल दसमी
९- शिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी
१०- मृतसंजीवनी रात्रि अमावस्या को शुक्रवार हो और मध्यान्ह में सूर्य ग्रहण हो
११- सिद्धि रात्रि चैत्र मास की अष्टमी को रविवार और संक्रांति हो (काली और तारा के लिए विशेष सिद्धिप्रद)
१२- दारुण रात्रि वैशाख शुक्ल तृतीया को मंगलवार हो
१३- सुंदरी रात्रि किसी भी मास की पूर्णिमा को महानक्षत्र हो
१४- देवी रात्रि किसी भी मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मंगलवार हो
१५- गणेश रात्रि माघ चतुर्थी को मकर संक्रांति हो
१६- सिद्धि रात्रि किसी भी माह की कृष्ण पक्ष की नवमी को मूल नक्षत्र हो
१७- बाण रात्रि किसी भी मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मंगलवार हो
१८-कृष्ण रात्रि किसी भी अमावस्या को मंगलवार हो
१९- धर्म रात्रि पौष या माघ अमावस्या को सूर्य श्रवण नक्षत्र पर हो
२०- दिव्य रात्रि अमावस्या को मंगल या शुक्रवार और सूर्य क्रूर नक्षत्रो पर हो
२१- विष्णु रात्रि भाद्रपद मास की अष्टमी को बुधवार हो
२२- काम संजीवनी रात्रि माघ शुक्ल पंचमी (बसन्त पंचमी) को शुक्रवार हो
२३- रिद्धि सिद्धि योग रात्रि चैत्र मास की तृतीया को रेवती नक्षत्र हो
२४- पर्वराज रात्रि पौष मास की तृतीया को शुक्रवार तथा रेवती नक्षत्र हो ।
चार महारात्रि :-
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१. मोहरात्रि (जन्माष्टमी) । इसी रात्रि में वशीकरण होते है ।।
२. कालरात्रि (नरक चतुर्दशी) ।मारण क्रिया
३. दारुण रात्रि (होली) । उच्चाटन क्रिया
४. अहोरात्रि (महाशिवरात्रि) । श्री गुरु चरण कम्लेभ्यों नमः।।तंत्र के लिए सुगम रात्रि
लेख एस्ट्रो आलोक गुप्ता जी


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