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आज मैं विशिष्ट रात्रि के बारे में बता रहा हूँ लेख आलोक गुप्ता जी

 सभी को प्रणाम ।हरी ॐ ।।  आज मैं विशिष्ट रात्रि के बारे में बता रहा हूँ कुछ तिथियां अपने आप में ही महत्वपूर्ण एवं सिद्धिप्रद मानी गई है, जिन...

 सभी को प्रणाम ।हरी ॐ ।।

 आज मैं विशिष्ट रात्रि के बारे में बता रहा हूँ कुछ तिथियां अपने आप में ही महत्वपूर्ण एवं सिद्धिप्रद मानी गई है, जिनका ज्ञान शायद ही साधु या ज्योतिषी को होगा । यह ज्ञान मेरे गुरुदेव ने दिया था नीचे मैं इन्ही महत्वपूर्ण तिथियों को स्पष्ट कर रहा हूँ, जिसका प्रयोग करने से आप को लाभ मिलेगा 

 विशिष्ट रात्रि पर्व :-

१- वीर रात्रि  चतुर्दशी को रविवार

२- महारात्रि  आश्विन शुक्ल अष्टमी

३- कालरात्रि  कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को अर्द्ध रात्रि में अमावस्या का योग होने पर 

४- मोह रात्रि  भाद्रपद कृष्ण अष्टमी

५- क्रोध रात्रि  चैत्र शुक्ल नवमी

६- घोर रात्रि  मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी (महाकाल वीर जयन्ति) 

७- अचला रात्रि  फाल्गुन कृष्ण अष्टमी को मंगल या शुक्रवार हो 

८- तारा रात्रि  ज्येष्ठ शुक्ल दसमी

९- शिवरात्रि  फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी

१०- मृतसंजीवनी रात्रि  अमावस्या को शुक्रवार हो और मध्यान्ह में सूर्य ग्रहण हो

११- सिद्धि रात्रि  चैत्र मास की अष्टमी को रविवार और संक्रांति हो (काली और तारा के लिए विशेष सिद्धिप्रद)

१२- दारुण रात्रि  वैशाख शुक्ल तृतीया को मंगलवार हो

१३- सुंदरी रात्रि  किसी भी मास की पूर्णिमा को महानक्षत्र हो

१४- देवी रात्रि  किसी भी मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मंगलवार हो 

१५- गणेश रात्रि  माघ चतुर्थी को मकर संक्रांति हो

१६- सिद्धि रात्रि  किसी भी माह की कृष्ण पक्ष की नवमी को मूल नक्षत्र हो

१७- बाण रात्रि  किसी भी मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मंगलवार हो

१८-कृष्ण रात्रि  किसी भी अमावस्या को मंगलवार हो

१९- धर्म रात्रि  पौष या माघ अमावस्या को सूर्य श्रवण नक्षत्र पर हो

२०- दिव्य रात्रि  अमावस्या को मंगल या शुक्रवार और सूर्य क्रूर नक्षत्रो पर हो

२१- विष्णु रात्रि  भाद्रपद मास की अष्टमी को बुधवार हो

२२- काम संजीवनी रात्रि  माघ शुक्ल पंचमी (बसन्त पंचमी) को शुक्रवार हो

२३- रिद्धि सिद्धि योग रात्रि  चैत्र मास की तृतीया को रेवती नक्षत्र हो

२४- पर्वराज रात्रि  पौष मास की तृतीया को शुक्रवार तथा रेवती नक्षत्र हो ।

 चार महारात्रि :-

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१. मोहरात्रि (जन्माष्टमी) । इसी रात्रि में वशीकरण होते है ।।

२. कालरात्रि (नरक चतुर्दशी) ।मारण क्रिया 

३. दारुण रात्रि (होली) । उच्चाटन क्रिया 

४. अहोरात्रि (महाशिवरात्रि) ।  श्री गुरु चरण कम्लेभ्यों नमः।।तंत्र के लिए सुगम रात्रि

लेख एस्ट्रो आलोक गुप्ता जी 

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