आयुर्वेद स्वस्थ जीवन जीने के तरीके, रोगों की रोकथाम, और शरीर के भीतर के संतुलन
आयुर्वेद भारतीय चिकित्सा की एक प्राचीन प्रणाली है, जिसका उद्देश्य शरीर, मन, आत्मा और पर्यावरण के संतुलन के माध्यम से संपूर्ण स्वास्थ्य को बन...
आयुर्वेद भारतीय चिकित्सा की एक प्राचीन प्रणाली है, जिसका उद्देश्य शरीर, मन, आत्मा और पर्यावरण के संतुलन के माध्यम से संपूर्ण स्वास्थ्य को बन...
प्राचीन समय के दादी के नुस्खे आज भी कार्य करते है आईये जानते है की गर्मियों में पेट को कैसे रखे स्वस्थ्य : जीरा पेट दर्द मे बहुत हि लाभदायक ...
पंडित पूरन मिश्रा जी एक प्रसिद्ध भारतीय ज्योतिषी, दार्शनिक और जीवन कोच हैं। वे वैदिक ज्योतिष, अध्यात्म और प्राचीन भारतीय शास्त्रों, वेदों ...
Awadh Kunj Aashrm Mathura Vrindavan अवध कुंज आश्रम मथुरा वृंदावन में एक आवासीय गुरकुल गौशाला सत्संग हाल यात्री निवास यज्ञ शाला निर्माण हेतु ...
श्री पूर्णेश्वर शिव सेवा फाउन्डेशन (रजि. न.६२३) Shri Purneshwar Shiv Sewa Faundation awadh kunj aashram bati mathura vrindavn Branch off. ...
शनि सम्बन्धी कष्टो के उपाय- shani se sambandhit samasyaon ke upaay- शनि के रत्न और उपरत्न उपाय नीलम, नीलिमा, नीलमणि, जामुनिया, नीला कटेला, आ...
source-internet पूजा से पहले शौच और आचमन करना क्यों जरूरी है-pooja se pahale shauch aur aachaman karana kyon jarooree hai- सकल सौच करि राम...
जी हा वर्तमान में ४जुलाई से श्रावण माह आरंभ हो गया है। सावन के इस पवित्र महीने में शिव जी सभी का मनोरथ सिद्ध करते है । पंडित पूरन मिश्र जी ...
sourse-internet media Vat Savitri Vrat 2023 Date: वट सावित्री व्रत कब है, जानें तिथि, मुहूर्त और महत्व, शुभ संयोग, बरगद वृक्ष की पूजा- व...
सरस्वती को ही ज्ञान की देवी क्यों माना जाता है- sarasvatee ko hee gyaan kee devee kyon maana jaata hai- पुराणों व अन्य धर्मशास्त्रों में म...
विद्यारंभ संस्कार का महत्त्व क्यों- vidyaarambh sanskaar ka mahattv kyon- वेदारंभ संस्कार का संबंध उपनयन संस्कार की भांति गुरुकुल प्रथा स...
9. कर्णवेध संस्कार क्यों - karnavedh sanskaar kyon- कर्णवेध संस्कार उपनयन के पूर्व ही कर दिया जाना चाहिए। इस संस्कार को 6 माह से लेकर 16वे...
8. शिखा (चोटी) रखने और उसमें गांठ बांधने की प्रथा क्यों -shikha (chotee) rakhane aur usamen gaanth baandhane kee pratha kyon- हिंदूधर्म के...
7. चूड़ाकर्म संस्कार (मुंडन) क्यों- choodaakarm sanskaar (mundan) kyon- बालक का कपाल लगभग तीन वर्ष की अवस्था तक कोमल रहता है। तत्पश्चात्...
6. अन्नप्राशन संस्कार क्यों- annapraashan sanskaar kyon- छठे माह में बालक का अन्नप्राशन संस्कार किया जाता है। शास्त्रों में अन्न को प्राणिय...
5. निष्क्रमण-संस्कार क्यों- nishkraman-sanskaar kyon- निष्क्रमण का अर्थ है बाहर निकालना। बच्चे को पहली बार जब घर से बाहर निकाला जाता है;...
4. नामकरण संस्कार क्यों- naamakaran sanskaar kyon- इस संस्कार को प्रायः दस दिन के सूतक की निवृत्ति के बाद ही किया जाता है। पारस्कर गृस्यस...
3.सीमंतोन्नयन संस्कार क्यों- seemantonnayan sanskaar kyon- यह तीसरा संस्कार है, जिसे सीमंतकरण या सीमंत-संस्कार भी कहते हैं। यह संस्कार गर्...
