जन्म कुंडली में बनने वाला चण्डिका योग चण्डिका योग एक अत्यंत प्रभावशाली और दुर्लभ राजयोग है, जो जातक को अपार शक्ति, साहस, विजय, मान-सम्मान, न...
जन्म कुंडली में बनने वाला चण्डिका योग
चण्डिका योग एक अत्यंत प्रभावशाली और दुर्लभ राजयोग है, जो जातक को अपार शक्ति, साहस, विजय, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और शत्रुओं पर विजय दिलाता है। यह योग जातक के जीवन में सम्मान, प्रभुत्व और सफलता प्रदान करता है।
1. चण्डिका योग क्या है?
* जब जन्म कुंडली में चन्द्रमा शुभ अवस्था में हो और मंगल उससे केंद्र या त्रिकोण में स्थित हो, तो चण्डिका योग बनता है।
* यह योग जातक को अद्भुत शक्ति, साहस, आत्मविश्वास और विजय प्रदान करता है।
* चण्डिका योग बनने से जातक जीवन में संघर्षों पर विजय प्राप्त करता है।
2. चण्डिका योग बनने के मुख्य नियम
* चन्द्रमा शुभ स्थिति में हो (शुक्ल पक्ष में, बलवान स्थिति में)।
* मंगल चन्द्रमा से केंद्र (1, 4, 7, 10) या त्रिकोण (1, 5, 9) में हो।
* चन्द्रमा और मंगल दोनों पाप ग्रहों से पीड़ित न हों।
* लग्नेश और चन्द्रमा बलवान हों तो योग और मजबूत होता है।
* शुभ ग्रहों की दृष्टि या युति योग को अत्यंत प्रभावशाली बनाती है।
3. चण्डिका योग के प्रभाव
* जातक में अद्भुत साहस, पराक्रम और नेतृत्व क्षमता होती है।
* शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है, विरोधी परास्त होते हैं।
* सरकारी कार्यों, राजनीति, सेना, पुलिस, प्रशासन, खेल, इंजीनियरिंग आदि क्षेत्रों में सफलता मिलती है।
* मान-सम्मान, धन, ऐश्वर्य और प्रसिद्धि प्राप्त होती है।
* कठिन परिस्थितियों में भी जातक धैर्य और बुद्धिमत्ता से सफलता प्राप्त करता है।
* धार्मिक प्रवृत्ति और देवी शक्ति की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
4. किन भावों में अधिक प्रभाव
* 1 भाव (लग्न): साहस, व्यक्तित्व और नेतृत्व शक्ति।
* 4 भाव: सुख, संपत्ति, वाहन और मान-सम्मान।
* 5 भाव: बुद्धि, संतान सुख, विद्या और पूर्व पुण्य।
* 7 भाव: व्यापार, साझेदारी और जनसंपर्क में सफलता।
* 10 भाव: कर्मक्षेत्र, पद, प्रतिष्ठा और राजयोग का प्रभाव।
* 11 भाव: लाभ, आय, बड़े नेटवर्क और उपलब्धियां।
5. इस योग से मिलने वाले लाभ
* जीवन में हर क्षेत्र में विजय और सफलता मिलती है।
* आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, धन और संपत्ति में वृद्धि।
* सत्ता, पद और प्रभाव में निरंतर वृद्धि होती है।
* नकारात्मक शक्तियों और शत्रुओं से सुरक्षा मिलती है।
* समाज में उच्च स्थान और सम्मान प्राप्त होता है।
6. विशेष बातें
* चण्डिका योग में जातक में दुर्गा माँ की कृपा और शक्ति का विशेष प्रभाव होता है।
* यह योग जातक को हर प्रकार के भय, बाधा और संकट से बचाता है।
* मंगल की शुभ स्थिति इस योग को और अधिक प्रभावशाली बनाती है।
* योग का फल दशा-अंतर्दशा और गोचर के अनुसार और अधिक सशक्त हो सकता है।
> नोट: चण्डिका योग पूर्ण फल तब देता है जब चन्द्रमा और मंगल शुभ स्थिति में हों और कुंडली में कोई गंभीर दोष न हो। शुभ ग्रहों की दृष्टि और बल इस योग को अत्यंत शक्तिशाली बनाते हैं।
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